ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 8"
किआरा और इवान ने एक दूसरे से रिंग एक्सचेंज करने के बाद इवान अपने रूम मे चला गया तो किआरा वन्या और उत्कर्ष के लिए दूध लेंने किचन मे चली गई और दो बोतल में दूध लेकर बाहर आई, आध्या और आन्या से वन्या और उत्कर्ष को लेकर अपने रूम मे आई और दोनो को बेड पर लिटाते हुए दूध की बोतल से दोनो को दूध पिलाने लगी और रुमाल से उनका चेहरा भी साफ करती रही क्युकी दोनो अपने चेहरे पर भी गिरा रहे थे इसलिए, इवान जो की बालकनी में था उसने बच्चों की आवाज सुनी तो अंदर आया और बेड पर बेड किआरा से दूध की बोतल लेकर खुद बच्चों को पिलाते हुए उन्हे निहारने लगा
किआरा इवान का उदास चेहरा देख रही थी जो शायद उस रिंग को निकालने के बाद उसे हुआ था तो उसने इवान का ध्यान उस ओर से भटकाने की कोशिश करने के गरज से बोली
किआरा :- सुनिए
इवान ने किआरा की आवाज सुन उसकी तरफ देखा ओर किआरा की तरह ही बोला
इवान :- कहिये
किआरा :- वन्या ओर उत्कर्ष में बड़ा कौन है
इवान ( मुस्कुराते हुए ) :- उत्कर्ष पांच मिनट बड़ा है वन्या से
किआरा :- अच्छा ये जब और छोटे होंगे तब बहुत क्यूट लगते होंगे ना
इवान :- हा बहुत क्यूट लगते थे, रुकिए मैं आपको इनकी फोटो दिखाता हू
इवान अलमारी के पास गया ही था की दरवाजा खटखटाने की आवाज आई तो किआरा ने गेट खोला, दरवाजे पर अध्विक, आध्या, आन्या और आरव खड़े हुए थे, उन्हे देख इवान वापस वन्या और उत्कर्ष के पास आया और उनके नन्हे नन्हे हाथो में अपनी एक एक ऊँगली दे दी जिसे दोनो ने कसकर पकड़ लिया, ये देख इवान के चेहरे पर स्माइल आ गई और वो उनके साथ खेलने लगा😊
अध्विक, आध्या, आन्या और आरव चारो अंदर आये, उन सबके हाथ पीछे की ओर थे ओर सभी एक लाइन से खड़े थे जैसे की कुछ छिपा रहे हो, इवान ने उनको ऐसे देखा तो बोला
इवान :- क्या हुआ तुम सबको ऐसे क्यू खड़े हो तुम सब जैसे कुछ छिपा रहे हो🤔
इवान की बात सुन वो चारो एक दूसरे की तरफ देखने लगे फिर आध्या आगे आते हुए बोली
आध्या :- भाई वो हम भाभी को नीचे ये गिफ्ट भी देना भूल गये थे तो बस वही देने आये थे
ये सुन किआरा उनकी तरफ देखती है तो इवान फिर बोलता है
इवान :- क्या देना भूल गये थे और क्यू
अध्विक :- भाई ये अभी अभी डिलीवर हुआ था इसलिए ये हम अभी ले आये यही, वो बाला पहले हो गया था तो नीचे ही दे दिया था
इवान :- ठीक है तो अब बताओ क्या है इसमे जो टाइम लग गया डिलीवर होने में
आरव किआरा के पास गया और उसका हाथ पकड़ आगे लाते हुए बोला
आरव :- भाभी आप इसे ओपन कीजिये हमे पता है ये आपको पसंद आएगा
किआरा ने हाँ बोलकर उस गिफ्ट को खोला तो वो भी एक फ्रेम था लेकिन उसमे इवान और किआरा की शादी की फोटो थी जिसमे इवान किआरा के गले में वरमाला पहना रहा था और किआरा ने अपना सिर झुकाया हुआ था, वो दोनो उस फोटो में बहुत अच्छे लगे लग रहे थे, फोटो देखकर इवान और किआरा की नजरें एक दूसरे से टकरा गई लेकिन फिर जल्दी ही नजरें हटा ली, आन्या आगे आगे आते हुए बोली
आन्या :- बताइये भाभी आपको हमारा गिफ्ट केसा लगा ?आरव :- हा भाभी बताइये ना कैसा लगा आपको पता है ये फोटो मैने चूस की है
आध्या और अध्विक ने भी पूछा तो किआरा नीचे आरव के सामने बैठी और उसके गाल पर हाथ रखते हुए बोली
किआरा ( मुस्कुराकर ) :- बहुत अच्छा लगा हमे आपका तोहफा, जैसे आप बहुत प्यारे हो बैसे ही ये तोहफा भी आपकी तरह ही बहुत प्यारा है 😊
आरव :- सच भाभी माँ 😊
किआरा ( मुस्कुराकर हाँ में सिर हिलाते हुए ) :- हाँ सच में बहुत अच्छे लगे हमे आपके दोनो गिफ्ट, और आपको पता है हमारे पास भी आपके लिए गिफ्ट है
अध्विक, आध्या, वन्या और आरव चारो एक साथ बोले " हमारे लिए गिफ्ट सचमे लेकिन क्या गिफ्ट हो भाभी माँ बताइये "
किआरा मुस्कुराकर उठी और अलमारी खोल उसमे जो चार गिफ्ट पैक रखे हुए थे वो निकालकर सबको देते हुए बोली
किआरा :- ये आपके लिए, होप सो की आपको पसंद आये
सभी ने उन गिफ्ट को खोलकर देखा तो सभी खुश होते हुए किआरा के गले लग गये और बोले
सभी एक साथ :- भाभी माँ हमे आपका गिफ्ट बहुत बहुत बहुत पसंद आया😊🥳
इवान सभी को इतना खुश देख खुश हो गया और बोला
इवान :- अरे भई तुम सब अकेले अकेले ही खुश होओगे या मुझे भी बताओगे की ऐेसा कौनसा खजाना मिल गया है जो इतने खुश हो रहे हो
आरव :- आपको भी बताएंगे भैया ( इवान को अपना गिफ्ट दिखाकर ) ये देखिये भाभी ने मेरा फेवरेट विडिओ गेम दिया है मुझे🤗
आध्या :- हा भाई और मुझे देखिये मेरा फेवरेट ब्रेसलेट दिया है😊
आन्या :- हा मुझे भी ब्रेसलेट दिया है🥰
अध्विक :- मुझे भी मेरी फेवरेट घड़ी दी है ( कुछ सोचते हुए ) लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा की भाभी को हमारी चॉइस के बारे में कैसे पता चला🤔
अध्विक की बात पर आध्या, आन्या और आरव ने हाँ में हाँ मिलाई तो इवान उनकी बात सुनकर मुस्कुराते हुए बोला
इवान :- तुम सभी इतना मत सोचो आम खाओ गुठलियाँ क्यू गिन रहे हो, चलो जाओ अब पढ़ाई पर ध्यान दो शादी की टाइम तुम सभी ने पढ़ाई में बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया है, चलो चलो जाओ
उठ चारो चले गये तो किआरा ने इवान की तरफ देखा और धीरे से बोली
किआरा :- थैंक्यू सो मच आपको, अगर आप हमारी मदद न करते तो हम ना ही सबकी पसंद का खाना बना पाते ओर् ना ही इनकी पसंद के तोहफ़े दे पाते
इवान :- आप थैंक्यू मत कहिये अब आप मेरी पत्नी है तो आपकी मदद करना आपका साथ देना मेरा फर्ज है
इतना बोलकर इवान सोफे पर बैठकर लैपटॉप पर काम करने लगा तो किआरा ने एक नजर इवान को देखा फिर वन्या और उत्कर्ष के कपड़े बदलने लगी जो दूध पीने से गंदे हो गये थे
थोड़ी देर बाद फिर दरवाजे पर दस्तक हुई, इस बार दरवाज़े पर सुमित्रा जी खड़ी थी वो अंदर आई ओर वन्या ओर उत्कर्ष को देखते हुए बोली
सुमित्रा जी :- बेटा आप तैयारी कर लेना पगफेरे की रश्म के लिए क्यूकि शाम को तुम्हारा भाई दर्श आएगा तुम्हे लेने ओके बेटा
किआरा :- जी माजी मैं तैयार हो जाउंगी ( फिर थोड़ा रूककर ओर हिचकते हुए ) माजी वो मैं.......
सुमित्रा जी :- क्या हुआ बेटा जो कहना है खुल कर कहो हमारे बीच ये हिचक केसी
किआरा :- माजी वो मे वन्या और.... और उत्कर्ष को ले जा सकती हू अपने साथ.......
किआरा की बात सुन सुमित्रा जी इवान को देखती है ।
To be continued.................
Prashant Chouhan
11-Nov-2022 06:13 PM
Nice chapter 😍
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Miss Chouhan
11-Nov-2022 11:17 AM
Nice story 😊😊😊
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दशला माथुर
14-Oct-2022 07:03 PM
बेहतरीन रचना 👌
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